Sunday, 19 June 2011

"समाज और सोसल नेटवर्किंग वेबसाइट "

"मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है"| इस वाक्य को हम तब से पढ़ते और सुनते आ रहे है, जब से हमने समाज के अर्थ को समझना शुरू किया | हम जानते है की बिना समाज के मनुष्य का कोई अस्तित्व ही नै है | मनुष्य सदियों से एक अच्छा समाज बनाने के लिए प्रयत्नशील रहा है | प्रयत्न का ही यह नतीजा रहा है कि मनुष्य ने समाज के इस ढाचे को अपनी आवश्यकता अनुसार कई बार बदला है|
आज हमारा समाज एक आधुनिक समाज है और हर व्यक्ति अपने आप को इस आधुनिक समाज की भीड़ में शामिल करना चाहता है | इसके लिए वह दिन दुनी रात चौगनी मेहनत कर रहा है | आधुनिकता के इस दौड़ में जब उसके पास अपने सजीव समाज को देने के लिए समय कम पद जाता है, तब उसके पास समाज से जुड़ने का केवल एक ही सहारा रह जाता है -" सोसल नेटवर्किंग वेबसाइट " |
आज इस दौड़ती भागती जिंदगी में अगर समाज को कोई एकजुट रखने का काम कर रहा है, तो वह सोसल नेटवर्किंग वेबसाइट ही है | इन वेबसाइट के माध्यम से व्यक्ति अपने जानने वालो ( और कभी कभी तो अंजान व्यक्तियों ) से जुड़ा हुआ है | दूरियों की वजह से जिन व्यक्तियों के साथ हमारे संपर्क टूट गए थे आज वो भी हमारे संपर्क में आ गए हैं | सोसल नेटवर्किंग के माध्यम से ही यह संभव हो पाया है की कम समय होने के बावजूद भी हम सामाजिक बने हुए हैं | इन तथ्यों को देखते हुए यह कहने में कोई संदेह नहीं की सोसल वेबसाइट आज सामाजिक होने का सबसे अच्छा माध्यम है |
पर अगर हम सिक्के के दुसरे पहलु पर विचार करे तो, कई प्रश्न हमारे सामने खड़े हो जाते हैं |
१- क्या वाकई में ये वेबसाइट हमारे समाज को जोड़ने का कम कर रहे हैं ?
२- क्या हमारा समाज आज एक कम्प्यूटर तक ही सिमित रह गया है ?
३- क्या सोसल वेबसाइट ही हमारे सामाजिक होने का प्रमाण देते हैं ?
४- क्या हर रोज नए फोटो अपडेट करना और उस पर ' नाईस पिक्स ' जैसी टिप्पणी देना ही सामाजिक होने का अर्थ रह गया है ?
५- क्या हमारा निर्जीव जीवन हमारे सजीव जीवन से ज्यादा महत्व रखने लगा है ?
अगर इन सभी प्रश्नों का उत्तर हाँ है तो यह कहना गलत होगा की 'मनुष्य का समाज के बिना कोई अस्तित्व नहीं है ' और यह कहना उचित होगा की मनुष्य को सामाजिक होने के लिए समाज से ज्यादा 'कम्प्यूटर और सोसल नेटवर्किंग वेबसाइट' की आवश्यकता है |
अतः अंत में मै यह कहना चाहता हूँ की आधुनिकता की इस दौड़ में हमे अपने सजीव समाज के महत्व को निर्जीव समाज के महत्व  से ज्यादा महत्व देना चाहिए |